शास्त्रों में कहा गया है कि एक पेड़ दस पुत्रों के समान होता है।

हमारे ऋषि-मुनियों ने बोहोत से ऎसे वृक्षों को घर में लगाने की सलाह दी है, जिनसे वास्तुदोष का निवारण होता है साथ ही पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मददगार हैं। वास्तु शास्त्र के ग्रंथों में बोहोत से ऎसे वृक्षों का उल्लेख किया गया है, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ दोष निवारण में भी सहायक हैं |

अशोक :—यह पेड़ यदि घर में हो तो कोई भी शोक नहीं रहता इसे घर में लगाने से अशुभ दोष खत्म हो जाते हैं।

केला:— घर के चार दिवारी के अंदर केले का वृक्ष लगाना शुभ है। इसे ईशान कोण में लगाना भी शुभ है। क्योंकि यह बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधि वृक्ष है। केले के पास यदि तुलसी का पेड़ भी लगा लें, तो शुभकारी रहेगा परंतु (केले का पेड़ कुछ पुस्तकों के अनुसार घर पर नहीं लगाना चाहिए )

अश्वगंधा :— यह पेड़ अपनेआप ही उगता है. यह वृक्ष वास्तु दोष समाप्त करने की क्षमता रखता है।

नारियल:– का वृक्ष घर में लगाना फलदायी है. जिस घर में नारियल का पेड़ होता है, वहां रहने वाले के मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

तुलसी :— यह जीवनदायिनी और लक्ष्मी स्वरूपा है। इसे प्रत्येक हिन्दू घर में लगाते हैं.और लोग इसकी श्रद्धापूर्वक पूजा भी करते हैं। इसे घर के अंदर रखने से अशुभ ऊर्जा नष्ट होती है। घर का वातावरण भी पवित्र व शुद्ध बनता है। घर के बीच (ब्रहम स्थान ) अथवा ईशान कोण में तुलसी का होना अत्यन्त शुभ है |